समय के महत्व पर निबंध | Value of Time Essay in Hindi

समय के महत्व पर निबंध | Value of Time par nibandh | Value of Time par nibandh in Hindi | समय के महत्व पर निबंध | Value of Time par Hindi Essay | Essay on Value of Time in Hindi

समय के महत्व पर निबंध | Value of Time Essay in Hindi

जीवन नदी की धारा के समान है। जैसे नदी की धारा ऊँची-नीची भूमि को पार करती निरंतर आगे बढ़ती रहती है उसी प्रकार जीवन की धारा भी सुख-दुख तथा सफलता-असफलता के अनेक संघर्षों को सहते-भोगते आगे बढ़ती रहती है। बहना जीवन है और ठहराव मृत्यु। जीवन का उद्देश्य निरंतर आगे बढ़ते रहने में है-इसी में सुख है, आनंद है। लेकिन सुख-आनंद और आगे बढ़ने में जो वस्तु काम करती है, वह है समय। जो भागते हुए समय को पकड़कर इसके साथ-साथ चल सकते हैं, वहीं तो जीवन में कामयाब होते हैं।

वस्तुत: समय का सदुपयोग ही विकास की कुंजी है।

अंग्रेजी में समय को ‘धन’ कहा है, पर समय ‘धन’ से कहीं ज्यादा कीमती है, अमूल्य है। धन आज है, कल नष्ट हो गया, परसों फिर आ सकता है। लेकिन जो समय अतीत के गर्त में समा गया, लाख चेष्य करने पर भी वह लौटकर नहीं आ सकता । इसीलिए जितने भी संत-महात्मा हुए हैं, सभी ने समय के मूल्य को पहचानने का उपदेश दिया है। समय जीवन है और समय को नष्ट करना जीवन को नष्ट करना है। एक आम कहावत है कि “जो समय को नष्ट करता है, समय उसे नष्ट कर देता है।” न जाने कितने पुण्यों के प्रताप से हमें मनुष्य-जीवन मिला है; अगर हमने इसे नहीं पहचाना तो बाद में पछताना-ही-पछताना बाकी रह जाता है। इसलिए समय को पहचान कर काम करना चाहिए। कुछ लोग अपना आलस्य और अकर्मण्यता छिपाने के लिए प्राय: कहते सुने जाते हैं कि-“साहब। क्या करें ? समय ही नहीं मिलता।” और अगर ऐसे लोगों की दिनचर्या देखें तो पता लगेगा कि जनाब 9-10 बजे तक सोते ही रहते हैं। जो इतना समय सोने में नष्ट कर देंगे, उनके पास अच्छे और अधिक काम के लिए समय ही कहाँ रहेगा? सोना, सैर-सपाटे करना, आदि जीवन के आवश्यक अंग हैं, पर इनकी सीमा होनी चाहिए। फ्रैंकलिन ने कहा था, “अगर तुम्हें अपने जीवन से प्रेम है, तो समय को व्यर्थ मत गँवाओ क्योंकि जीवन इसी से बनता है।” गतिशील समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता।

समय मानव के लिए ऐसा वरदान है कि जो इसका सदुपयोग करता है, उसके लिए यह खुशियों के तथा सफलता के ढेर लगा देता है और जो इसका दुरुपयोग करता है, उसे यह अवनति के ऐसे गहरे गर्त में फेंक देता है जहाँ से उभरना असंभव हो जाता है । संसार की बड़ी-से-बड़ी लड़ाइयों का भाग्य-निर्णय समय कर देता है। आज संसार में जिन व्यक्तियों को महान कहा जाता है, उनका जीवन-इतिहास इस बात का साक्षी है कि उनका एक-एक पल गिना हुआ था। उनके प्रत्येक कार्य का समय तय था, क्योंकि वे जानते थे कि समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है। हिंदी में एक कहावत है”बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुध लेह” अर्थात् जो समय बीत गया, उसे भूलकर वर्तमान और भविष्य का ध्यान करो।

सदियों की गुलामी के बाद आजाद हुए अपने देश को उन्नति और विकास के चरम शिखर तक ले जाना है। हमारे देखते-देखते संसार के अन्य देश हमसे आगे और बहुत आगे निकल गए हैं । उनके यान चाँद सूरज की दूरियाँ नाप रहे हैं और हम अभी भी उनसे बहुत पीछे हैं। क्यों ? इस प्रश्न का एक ही उत्तर है कि उन्होंने समय को पहचाना है, उसकी कीमत को समझा है और दिन-रात परिश्रम करके देश का निर्माण किया है। उन्हीं की तरह यदि हम समय की कीमत को समझें तो प्राकृतिक संपदा से भरपूर अपने देश को अधिक समुन्नत और विकासशील बना सकते हैं। देश को उन्नति और विकास के चरम शिखर तक ले जाने के लिए समय के महत्त्व को समझना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। मानवीय जीवन में समय का अत्यंत महत्त्व है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *