गणतंत्र दिवस पर निबंध | Republic Day Essay in Hindi

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गणतंत्र दिवस पर निबंध | Republic Day Essay in Hindi

राष्ट्रीय पर्व होने के कारण गणतंत्र दिवस का महत्त्व सभी जातियों और सभी संप्रदायों के लोगों के लिए समान है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है।

26 जनवरी, 1930 के दिन हमारे देश के नेताओं ने पं० जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में पूर्ण स्वराज की माँग की थी। तभी से हर साल यह माँग उस समय तक दोहराई जाती रही जब तक कि 15 अगस्त, 1947 को भारत आजाद नहीं हो गया। आजादी के बाद भारत का अपना संविधान बना और उसे 26 जनवरी, 1950 से लागू किया गया। तभी से 26 जनवरी का दिन प्रतिवर्ष ‘गणतंत्र दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा।

गणतंत्र दिवस सभी जगह बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस दिन सभी सरकारी, गैर-सरकारी संस्थानों/ कार्यालयों पर राष्ट्रीय-ध्वज फहराया जाता है। प्रत्येक राज्य में वहाँ के राज्यपाल ध्वज का अभिवादन करते हैं। इसके बाद सड़कों पर परेड निकाली जाती है। बैंड-बाजों की धुनों से आकाश गूंज उठता है। राजदूतावासों में यही कार्य प्रत्येक राजदूत के द्वारा संपन्न किया जाता है।

राजधानी में गणतंत्र दिवस’ की छटा तो निराली ही होती है। भोर से ही लोग ठंड की परवाह किए बिना इंडिया गेट और राजपथ के आस-पास जहाँ परेड निकलती है, जमा हो जाते हैं। राष्ट्रपति अपनी चौदह घोड़ों वाली बग्घी में बैठकर विजय चौक तक आते हैं और तिरंगा फहराते हैं। फिर इक्कीस तोपों की सलामी दी जाती है। उसके पश्चात् जल सेना, थल सेना तथा वायु सेना के जवान मार्च करते हुए, राष्ट्रपति को सलामी देकर उनका अभिवादन करते हुए आगे बढ़ जाते हैं। सेना की इन टुकड़ियों की अगवानी उनके विशिष्ट बैंड अपनी मधुर तान से करते हैं।

इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, टैंक, तोपों, मिसाइलों आदि का भी प्रदर्शन किया जाता है। इसके बाद विभिन्न राज्यों की मनोरम झाँकियाँ निकलती हैं, जो भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करती हैं और सबका मन मोह लेती हैं। विभिन्न राज्यों के बच्चे, लोक-नर्तक सभी अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन करते हैं तथा राष्ट्रपति के प्रति अभिवादन व्यक्त करते हुए आगे बढ़ जाते हैं। अंत में वायुसेना के विमानों की टुकड़ियाँ आकाश में अपने करतब दिखाती हुई और राष्ट्रपति को सलामी देती हुई आगे बढ़ जाती हैं। गणतंत्र दिवस की संध्या पर राष्ट्रपति भवन, संसद भवन तथा अन्य सभी सरकारी कार्यालयों पर रोशनी की जाती है।

इस प्रकार गणतंत्र दिवस या 26 जनवरी का पर्व एक ऐसा पर्व है, जो जनता के हृदय में उत्साह, पारस्परिक सहयोग, भाईचारे और स्वाभिमान की भावनाएँ जगाता है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए भारतीयों ने कितनी कुर्बानियाँ दी, कितने कष्ट झेले और कितने संघर्ष किए थे। आओ हम प्रण करें कि हम हर कीमत पर इस गणतंत्र की रक्षा करेंगे तथा आपसी भेद-भाव को मिटाकर राष्ट्र-निर्माण के प्रत्येक कार्य में योगदान देंगे।

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