आदर्श नागरिक पर निबंध | Essay on Ideal Citizen in Hindi

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आदर्श नागरिक पर निबंध | Essay on Ideal Citizen in Hindi

भूमिका

‘धरती मेरी माता है और मैं उसका पुत्र हूँ। जिस प्रकार पुत्र अपनी माता की रक्षा करता है, उसके मान-सम्मान का ध्यान रखता है, उसी प्रकार प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है कि वह देश की रक्षा, सुख-समृद्धि और विकास में अपना पूरा-पूरा योगदान दे।’

देश और नागरिक का संबंध

देश और नागरिक का आपस में घनिष्ठ संबंध होता है। व्यापक अर्थ में देश में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह शहर में रहता है या गाँव में, उस देश का नागरिक कहलाता है। एक आदर्श नागरिक देश के प्रति अपने उत्तरदायित्व को भली भाँति समझता है और उसे पूरा भी करता है। वह परोपकार, समर्पण आदि गुणों से ओत-प्रोत होता है तथा देश हित के कार्यों में संलग्न रहता है। जिस प्रकार एक नागरिक के अच्छे-बुरे कार्यों का प्रभाव देश पर पड़ता है, उसी प्रकार देश का प्रभाव भी नागरिकों पर पड़ता है।

देशभक्त

एक आदर्श नागरिक को अपने देश से स्वाभाविक प्रेम होना चाहिए। इसके लिए उसे देश की महान परंपराओं और संस्कृति को समझना चाहिए। प्राकृतिक वैभव और सुषमा के दर्शन करने चाहिए। विभिन्न प्रदेशों की विभिन्नताओं और उनके बीच पिरोए हुए एकता के सूत्र का सम्यक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए और देश के प्रति अपने लगाव में निरंतर वृद्धि करनी चाहिए। मेरे ख्याल से जो व्यक्ति अपने देश से प्रेम नहीं करता वह पशुतुल्य है। जिस माटी में लोट-लोटकर बड़े हुए, जिस वायु ने हमें श्वास लेना सिखलाया और जो देश हमारा अस्तित्व है, उस मातृभूमि के लिए प्राणों की आहुति भी देनी पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए, क्योंकि मातृभूमि की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। वास्तव में बुरे समय पर अपने और पराये की पहचान होती है, इसलिए सच्ची देश भक्ति का परिचय देते हुए आदर्श नागरिक को संकट के समय अपना सर्वस्व देश-हित में अर्पित करने को तैयार रहना चाहिए।

ताधिकार का प्रयोग

एक आदर्श नागरिक के अपने देश के प्रति कुछ कर्तव्य होते हैं। सबसे महत्त्वपूर्ण तो यह है कि वह देश में निर्धारित सभी कानूनों और नियमों का पालन पूरी ईमानदारी से करे। एक सच्चा नागरिक वही है, जो अपनी व्यक्तिगत क्षमताओं का उपयोग देश-हित में करे। आदर्श नागरिक को देश के प्रति समर्पित रहना चाहिए। यदि कहीं पर कुछ गलत हो रहा है तो उसके विरुद्ध आवाज़ उठानी चाहिए। उसे यह नहीं सोचना चाहिए कि यह काम मेरा नहीं पुलिस का है या सरकार का है। देश की गतिविधियों में भागीदारी करना एक आदर्श नागरिक का परम कर्तव्य है।

अधिकारों के प्रति सजग

एक आदर्श नागरिक को देश में फैली ज्वलंत कुप्रथाओं का विरोध करना चाहिए। अपने मताधिकार का प्रयोग भी नागरिकों के लिए जरूरी है, क्योंकि चुनाव किसी भी देश की उच्चता एवं हीनता की कसौटी होते हैं। नैतिक कर्तव्य एक अच्छा मनुष्य बनाने में मदद करते हैं और सुंदर समाज के निर्माण में सहयोग देते हैं । वैधानिक नियम एक आदर्श नागरिक और एक गौरवशाली राष्ट्र का निर्माण करते हैं। संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को कुछ अधिकार दिए हैं। उसे अपने अधिकारों के प्रति सचेत होना चाहिए।

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